By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NoorPostNoorPost
  • होम
  • न्यूज़
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • मुस्लिम दुनिया
  • इतिहास
    • मुस्लिम वैज्ञानिक
    • सामाजिक कार्यकर्ता
    • स्वतंत्रता सेनानी
    • उस्मानी साम्राज्य
    • जीवनी
  • वीडियो
  • ब्लॉग
  • मजहब
  • अन्य
    • खान-पान
    • स्वास्थ्य
    • शिक्षा
    • रोजगार
    • साइंस-टेक्नोलॉजी
      • मोबाइल
Sign In
नोटिफिकेशन और दिखाएं
Font Resizerआ
Font Resizerआ
NoorPostNoorPost
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • मुस्लिम दुनिया
  • इतिहास
  • खान-पान
  • ब्लॉग
  • मजहब
  • रोजगार
  • वीडियो
  • शिक्षा
  • साइंस-टेक्नोलॉजी
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
Search
  • प्रमुख पेज
    • होम
    • संपर्क करें
    • गोपनीयता नीति
    • अस्वीकरण
    • सर्च करें
  • मेरी चीजें
    • सुरक्षित पोस्ट
    • मेरे लिए
    • पढ़े गए पोस्ट
    • पसंदीदा टॉपिक्स
    • पसंदीदा लेखक/लेखिका
  • Categories
    • मुस्लिम दुनिया
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • इतिहास
    • खान-पान
    • ब्लॉग
    • मजहब
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • रोजगार
    • वीडियो
    • साइंस-टेक्नोलॉजी
    • सोशल मीडिया
Sign In Sign In
Follow US
> मजहब > शहद: एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक, इसके फायदे और कुरान-हदीस में इसकी अहमियत।

शहद: एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक, इसके फायदे और कुरान-हदीस में इसकी अहमियत।

शहद में एलर्जी से लड़ने का गुण होता है जिससे आपको इस समस्या से बचने में सहायता मिलती है। यह किसी भी प्रकार के इंफेक्शन को दूर करने में मददगार होता है । यही वजह है शहद गले और श्वासनली के इंफेक्शन में शहद आराम देता है ।
एо अहमद
एо अहमद
एо अहमद
लेखकएо अहमद
Founder and Editor
मैं आफताब अहमद इस साइट पर एक लेखक हूं, मुझे विभिन्न शैलियों और विषयों पर लिखना पसंद है। मुझे ऐसा निबंध और ब्लॉग लिखना अच्छा लगता...
Follow:
Published: 20/07/2025
1.7k लोगों ने देखा
No Comments
शेयर
6 मिनट में पढ़ें

शहद ना केवल खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि इससे बहुत सी बीमारियों से बचाव भी होता है।  शहद में प्राकृतिक रूप से एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटीमाइक्रोबियल्स, एंटीऑक्सीडेंट (जो की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है) के गुण पाए जाते हैं, अपने इन्हीं गुणों के कारण यह अमृत के समान हो जाता है।

हाईलाइट्स
  • शहद में पाए जाने वाले पोषक तत्व –
  • क़ुरआन और हदीस में शहद के बारे में क्या कहा गया है? ( What is the benefit of honey in Islam? )
  • शहद से होने वाले लाभ –
  • शहद का उपयोग कैसे करें (How to use honey in hindi?) –

शहद में पाए जाने वाले पोषक तत्व –

प्रति 100 ग्राम शहद में  फ्रक्टोज़ (लगभग 37.5%), ग्लूकोज़ (लगभग 31%), वसा(0 g), प्रोटीन(0.3 g), विटामिन B2(0.038 mg), विटामिन B3(0.121 mg), विटामिन बी5(0.068 mg), विटामिन B6(0.024 mg), विटामिन B9(2 μg), विटामिन C(0.5 mg), कैल्शियम (6 mg), आयरन (0.42 mg), मैगनीशियम (2 mg), फॉस्फोरस (4 mg) पोटेशियम(52 mg), सोडियम(4 mg), जस्ता(0.22 mg) से भरपूर होता है, जोकि सेहत और खूबसूरती दोनों के लिए फायदेमंद है।

क़ुरआन और हदीस में शहद के बारे में क्या कहा गया है? ( What is the benefit of honey in Islam? )

कुरान मजीद में जहां पर जन्नत के खाने एवं पीने का तस्करा है वहां पर शहद का भी तस्करा है, इससे शहद के अहमियत का पता चलता है।

  • कुरान के सुरह अन नहल (16) आयत नंबर 69 में अल्लाह ताला ने इरशाद फरमाया है “हर प्रकार के फलों का रस चूस और अपने रब द्वारा तैयार किए हुए मार्ग पर चलती रहे। उस मक्खी के अंदर एक रंग बिरंगी शरबत निकलते हैं जिसमें शिफा,रोगमुक्त है। लोगों के लिए यकीनन उसमें भी एक निशानी है उन लोगों के लिए जो चिंतन मनन करते हैं।”
  • बुखारी शरीफ में हदीस नंबर 5682 से पता चलता है कि  हजूर अकरम सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम को शिरीन और शहद बहुत पसंद था। इस लिए शहद खाना सुन्नत है।
  • इब्ने माजा आयत नंबर 3452  अब्दुल्लाह बिन मसूद से रिवायत है कि आप सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने फरमाया कि “तुम दो शिफाओ यानी शहद और दूसरा कुराने पाक को जरूर पकड़ो (यानी इन पर अमल करो)।”

शहद से होने वाले लाभ –

  • शहद में एलर्जी से लड़ने का गुण होता है जिससे आपको इस समस्या से बचने में सहायता मिलती है।
    यह किसी भी प्रकार के इंफेक्शन को दूर करने में मददगार होता है । यही वजह है शहद गले और श्वासनली के इंफेक्शन में शहद आराम देता है ।
  • शहद  प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह किसी घाव में जीवाणुओं को फैलने से रोकता है। शहद के गाढ़ापन के कारण कोई फफूंदी और किटाणुन घाव में  विकसित नहीं हो पाते, जिस कारण घाव ठीक होने लगता है । दूसरे विश्व युद्ध में एंटीबायटिक दवावों की कमी होने पर रूसियों ने भी अपने घायल सैनिकों के घाव ढकने के लिये शहद का उपयोग किया था ।  मधु की विशेषता है कि यह घाव में नमी को बनाए रखता है और घावों के निशान बाक़ी नहीं रहने देता है ।
  • वजन घटाने के लिए शहद एक बेहतरीन उपाय है । खाली पेट, पानी में शहद के साथ नींबू डालकर पीने से धीरे धीरे मोटापा जाता रहता है।
  • शहद उर्जा का एक अच्छे स्रोत है । यह शरीर को कार्बोहाइड्रेट और प्राकृतिक शर्करा ( फ्रक्टोज और ग्लूकोज ) प्रदान करता है जो सीधे खून में पहुंचकर ऊर्जा में बदल जाता है ।
  • शहद त्वचा के विकारों को दूर कर, त्वचा में कसाव लाने में मदद करता है । यह त्वचा के लिए आवश्यक पोषण भी प्रदान करता है, जो उसे स्वस्थ और खूबसूरत बनाए रखता है । त्वचा के लिए शहद को खाना और लगाना दोनों ही लाभकारी है।
  • खांसी होने पर काली मिर्च या लौंग के चूर्ण या फिर तुलसी के रस के साथ शहद का प्रयोग करने से फायदा होता है । सर्दी जुकाम जैसी समस्याओं में भी शहद बेहद लाभदायक होता है । गर्म प्रकतिक होने के कारण यह कफ को जमने से रोकता है ।
  • शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को पोषित कर नुकसान से बचाते हैं । एक शोध के अनुसार शहद शरीर की कैल्शियम सोखने की क्षमता को बढ़ाता है और यह दिमागी कोशिकाओं के लिए भी  जरूरी है ।
  • बेहतर मूड करने के लिए शहद का प्रयोग किया जा सकता है । चीनी की तरह शहद भी इंसुलिन को बढ़ाता है जिससे सेरोटोनिन का त्राव होता है । सेरोटोनिन मूड को बेहतर बनाकर खुशी का अहसास कराता है ।
  • अगर नींद ना आए या ठीक से ना आए तो  शहद का इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे बढ़े हुए इंसुलिन से स्त्रावित होने वाला हार्मोन सेरोटोनिन को मेलैटोनिन में बदलता है । जो नींद की अवधि और उसकी क्वालिटी तय करता है ।

शहद का उपयोग कैसे करें (How to use honey in hindi?) –

हर चीज को खाने का एक नियम होता है, अगर हम उसे नियम के अनुसार नहीं इस्तेमाल करते तो कोई लाभ नहीं होता, या लाभ बहुत लंबे वक्त बाद पता चलता है। इसलिए अगर शहद का लाभ अपने ऊपर जल्दी से देखना चाहते हैं तो एक नियम बना के उसके अनुसार उपयोग करें। जैसे- अगर आप सर्दी जुकाम में शहद का प्रयोग कर रहे हैं तो शहद को भी दवा की तरह दिन भर में 3-4 बार लें, अगर फैट कम करने के लिए प्रयोग कर रहे हैं तो  हर रोज खाली पेट लें। आप को जल्द ही लाभ दिखने लगेगा।

टैग :खान-पान
शेयर करें :
Facebook Pinterest Whatsapp Whatsapp
◈  इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दें :
Proud3
Happy1
Love0
Surprise3
Sad0
Angry0
एо अहमद
लेखकएо अहमद
Founder and Editor
Follow:
मैं आफताब अहमद इस साइट पर एक लेखक हूं, मुझे विभिन्न शैलियों और विषयों पर लिखना पसंद है। मुझे ऐसा निबंध और ब्लॉग लिखना अच्छा लगता है जो मेरे पाठकों को चिंतन और प्रेरणा देती हैं।
कमेंट करें! कमेंट करें!

कमेंट करें! Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

हमें फॉलो करें >>

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe

सबसे अधिक पढ़ी गईं >>

🌟 इमाम अहमद इब्न हंबल: एक बहादुर योद्धा की कहानी जिसने इल्म और ईमान की मिसाल कायम की

20 मिनट में पढ़ें
289 लोगों ने देखा

डॉ. ज़ाकिर हुसैन: भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति की प्रेरणादायक कहानी

12 मिनट में पढ़ें
269 लोगों ने देखा

नासिर अहमद: वह शख्स जिसने आपकी डिजिटल दुनिया बदल दी!

10 मिनट में पढ़ें
82 लोगों ने देखा
8 Islamic Principles for Successful Business, in the Light of the Holy Quran and Hadith

सफल व्यापार के लिए 8 इस्लामी सिद्धांत, पवित्र कुरान और हदीस की रोशनी में

9 मिनट में पढ़ें
641 लोगों ने देखा

अहमद कथराडा: दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद विरोधी आंदोलन के भारतीय मूल के नायक

14 मिनट में पढ़ें
29 लोगों ने देखा

मौलाना शाह अब्दुल कादिर लुधियानवी: 1857 की जंग-ए-आजादी के गुमनाम नायक

12 मिनट में पढ़ें
289 लोगों ने देखा

इमाम अल-बुखारी: इस्लामिक विद्वान और हदीस संकलनकर्ता

29 मिनट में पढ़ें
98 लोगों ने देखा

अल-इद्रीसी: मध्यकालीन विश्व का महान भूगोलवेत्ता और उनकी रोमांचक कहानियां

12 मिनट में पढ़ें
175 लोगों ने देखा

मौलाना अबुल आला मौदुदी: किताबों की ताकत से इस्लाम की सच्चाई को दुनिया तक पहुंचाने वाला शख्स

12 मिनट में पढ़ें
362 लोगों ने देखा

इमाम मुस्लिम: सहीह मुस्लिम के संकलनकर्ता

14 मिनट में पढ़ें
258 लोगों ने देखा
Avatar
Daily Hadith
Today at 12:00 PM

सम्बंधित टॉपिक >>

close up photo of red ant

क़ुरान की हैरान कर देने वाली बातें (चींटियों के बारे में)

0 मिनट में पढ़ें
218 लोगों ने देखा

अल-जिहाद फिल-इस्लाम: मौलाना मौदुदी की किताब जो जिहाद की हकीकत बताती है।

5 मिनट में पढ़ें
17 लोगों ने देखा

क्या ग़ुस्ल के बाद वुज़ू करना ज़रूरी है? ग़ुस्ल और वुज़ू के क्या फ़र्ज़ हैं?

5 मिनट में पढ़ें
64 लोगों ने देखा
why-we-should-not-eat-food-wrapped-in-newspaper

अखबार में खाना लपेट कर या रख कर खाना हो सकता है जानलेवा।

3 मिनट में पढ़ें
133 लोगों ने देखा

महत्वपूर्ण लिंक्स

  • सहेजी गई पोस्ट
  • आपके लिए
  • पढ़े गए पोस्ट
  • पसंदीदा टॉपिक्स
  • मेरी प्रोफाइल
  • हमारे बारे में
  • हमारी सहायता करें
  • हमे विज्ञापन दें
  • भविष्य योजना
  • साइट के लेखक
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • अस्वीकरण
  • सेवा की शर्तें
  • सुधार नीति

All content © NoorPost


News Video
Quiz
Tools
More

Quiz Categories

General Knowledge Test IQ Islamic Quiz Science History Fun Quiz

Tools & Utilities

Age Calc Converter QR Gen BMI Calc Search Love Calc Wishes

Explore More

About Us Donate Us Privacy Terms Contact Advertise Correction Disclaimer Future Plan Writers
adbanner
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

क्या पासवर्ड भूल गए?

Not a member? Sign Up