By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NoorPostNoorPost
  • होम
  • न्यूज़
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • मुस्लिम दुनिया
  • इतिहास
    • मुस्लिम वैज्ञानिक
    • सामाजिक कार्यकर्ता
    • स्वतंत्रता सेनानी
    • उस्मानी साम्राज्य
    • जीवनी
  • वीडियो
  • ब्लॉग
  • मजहब
  • अन्य
    • खान-पान
    • स्वास्थ्य
    • शिक्षा
    • रोजगार
    • साइंस-टेक्नोलॉजी
      • मोबाइल
Sign In
नोटिफिकेशन और दिखाएं
Font Resizerआ
Font Resizerआ
NoorPostNoorPost
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • मुस्लिम दुनिया
  • इतिहास
  • खान-पान
  • ब्लॉग
  • मजहब
  • रोजगार
  • वीडियो
  • शिक्षा
  • साइंस-टेक्नोलॉजी
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
Search
  • प्रमुख पेज
    • होम
    • संपर्क करें
    • गोपनीयता नीति
    • अस्वीकरण
    • सर्च करें
  • मेरी चीजें
    • सुरक्षित पोस्ट
    • मेरे लिए
    • पढ़े गए पोस्ट
    • पसंदीदा टॉपिक्स
    • पसंदीदा लेखक/लेखिका
  • Categories
    • मुस्लिम दुनिया
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • इतिहास
    • खान-पान
    • ब्लॉग
    • मजहब
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • रोजगार
    • वीडियो
    • साइंस-टेक्नोलॉजी
    • सोशल मीडिया
Sign In Sign In
Follow US
> इतिहास > मुस्लिम वैज्ञानिक > गणित की मदद से पृथ्वी को नापने वाला और ब्रह्मांड के रहस्यों से पर्दा उठाने वाला शख्स: अल-फरगानी

गणित की मदद से पृथ्वी को नापने वाला और ब्रह्मांड के रहस्यों से पर्दा उठाने वाला शख्स: अल-फरगानी

अल-फरगानी ने पृथ्वी की परिधि और उसके अक्ष के झुकाव को परिभाषित किया, वर्ष के सबसे लंबे और सबसे छोटे दिनों की गणना की, सूर्य और चंद्रमा के अपहेलिया का वर्णन किया, पृथ्वी की परिधि पता लगाया और अगले सूर्य ग्रहण के बारे में भविष्यवाणियां कीं।
एо अहमद
एо अहमद
एо अहमद
लेखकएо अहमद
Founder and Editor
मैं आफताब अहमद इस साइट पर एक लेखक हूं, मुझे विभिन्न शैलियों और विषयों पर लिखना पसंद है। मुझे ऐसा निबंध और ब्लॉग लिखना अच्छा लगता...
Follow:
Published: 20/07/2025
25 लोगों ने देखा
No Comments
शेयर
16 मिनट में पढ़ें

अल-फरगानी, जिन्हें पश्चिमी दुनिया में अल्फ्रागानस (Alfraganus) के नाम से भी जाना जाता है, इस्लामिक स्वर्ण युग (8वीं से 13वीं सदी) के एक महान खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और विद्वान थे। उनका पूरा नाम अहमद इब्न मुहम्मद इब्न कथीर अल-फरगानी था, और वे 9वीं सदी में मध्य एशिया के फरगाना क्षेत्र (आधुनिक उज्बेकिस्तान) में पैदा हुए। अल-फरगानी ने खगोलशास्त्र, गणित और भूगोल में अपने अभूतपूर्व कार्यों के लिए विश्वभर में ख्याति प्राप्त की। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना, “किताब फी जवामी इल्म अन-नुजूम” (Book of the Elements of Astronomy), ने मध्यकालीन यूरोप और इस्लामिक दुनिया में खगोलशास्त्र के अध्ययन को गहराई से प्रभावित किया।

हाईलाइट्स
  • अल-फरगानी का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
  • अल-फरगानी का बैत अल-हिक्मा में योगदान
  • अल-फरगानी का सबसे बड़ा योगदान: पृथ्वी की परिधि का पुनःमापन
  • अल-फरगानी और एस्ट्रोलैब
  • अल-फरगानी का प्रभाव: मध्यकालीन यूरोप और इस्लामिक दुनिया
  • अल-फरगानी की अन्य उपलब्धियां
  • अल-फरगानी की प्रेरणा और विरासत
  • अल-फरगानी के जीवन से सीख
  • अल-फरगानी से संबंधित 20 FAQs
  • निष्कर्ष

युवा पाठकों के लिए, अल-फरगानी की कहानी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने उस दौर में विज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जब संसाधन सीमित थे और वैज्ञानिक उपकरण आज की तरह उन्नत नहीं थे। उनकी जिज्ञासा, मेहनत और समर्पण ने उन्हें एक अमर वैज्ञानिक बना दिया। इस लेख में हम उनके जीवन, योगदान, रोचक कहानियों और उनके विचारों को जानेंगे, जो आज भी प्रासंगिक हैं।


अल-फरगानी का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

अल-फरगानी का जन्म 9वीं सदी की शुरुआत में फरगाना घाटी में हुआ, जो उस समय अब्बासिद साम्राज्य का हिस्सा थी। यह क्षेत्र अपने विद्वानों और वैज्ञानिकों के लिए जाना जाता था। अल-फरगानी के परिवार और उनके प्रारंभिक जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन माना जाता है कि उन्होंने कम उम्र में ही गणित और खगोलशास्त्र में रुचि दिखाई। उस समय बगदाद का बैत अल-हिक्मा (House of Wisdom) ज्ञान का केंद्र था, जहां विश्वभर के विद्वान एकत्रित होते थे। संभवतः अल-फरगानी ने यहीं अपनी शिक्षा प्राप्त की और यूनानी, भारतीय और फारसी ग्रंथों का अध्ययन किया।

रोचक कहानी 1: तारों की खोज में रातें बिताना
कहा जाता है कि अल-फरगानी बचपन से ही रात के आकाश को देखकर आश्चर्यचकित रहते थे। एक बार, जब वे मात्र 12 वर्ष के थे, उन्होंने अपने गांव के पास एक पहाड़ी पर पूरी रात बिताई, ताकि वे तारों की गति को समझ सकें। उनके पिता ने जब उन्हें सुबह घर लौटते देखा, तो पूछा, “तुम रातभर कहां थे?” अल-फरगानी ने जवाब दिया, “मैं तारों से बात कर रहा था।” यह छोटी सी कहानी उनकी जिज्ञासा और समर्पण को दर्शाती है।


अल-फरगानी का बैत अल-हिक्मा में योगदान

बगदाद में बैत अल-हिक्मा अब्बासिद खलीफा हारून अल-रशीद और उनके पुत्र अल-मामून द्वारा स्थापित एक बौद्धिक केंद्र था। अल-फरगानी ने यहां खगोलशास्त्र और गणित के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने यूनानी खगोलशास्त्री टॉलेमी के कार्यों का अध्ययन किया और उनकी पुस्तक “अल्माजेस्ट” को आधार बनाकर अपने शोध को आगे बढ़ाया। लेकिन अल-फरगानी ने केवल अनुवाद ही नहीं किया; उन्होंने टॉलेमी के सिद्धांतों को सुधारा और नए अवलोकन जोड़े।

उनका प्रसिद्ध कार्य: किताब फी जवामी इल्म अन-नुजूम
अल-फरगानी की सबसे महत्वपूर्ण रचना उनकी पुस्तक “किताब फी जवामी इल्म अन-नुजूम” थी, जिसे बाद में लैटिन में “एलिमेंट्स ऑफ एस्ट्रोनॉमी” के नाम से अनुवादित किया गया। इस पुस्तक में उन्होंने निम्नलिखित विषयों को शामिल किया:

  • ग्रहों की गति: सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की गति का गणितीय विश्लेषण।
  • पृथ्वी का आकार: उन्होंने पृथ्वी की परिधि को मापने की कोशिश की, जो उस समय के लिए अत्यंत सटीक थी।
  • नक्षत्रों का अध्ययन: तारों की स्थिति और उनके चमकने के पैटर्न का वर्णन।
  • खगोलीय उपकरण: उन्होंने एस्ट्रोलैब जैसे उपकरणों के उपयोग को समझाया, जो नेविगेशन और खगोलशास्त्र में महत्वपूर्ण थे।

कोट 1:
“तारे हमें यह सिखाते हैं कि अंधेरे में भी रोशनी की संभावना होती है।” – अल-फरगानी
(यह कोट उनकी खगोलीय खोजों और आशावादी दृष्टिकोण को दर्शाता है।)


अल-फरगानी का सबसे बड़ा योगदान: पृथ्वी की परिधि का पुनःमापन

अल-फरगानी का सबसे उल्लेखनीय योगदान पृथ्वी की परिधि का पुनःमापन था। एराटोस्थनीज ने 240 ईसा पूर्व में, पृथ्वी की परिधि का गणितीय गणनाओं के आधार पर मापन किया था। लेकिन लोगों को इस पर ज्यादा विश्वास नहीं था 1000 साल बाद अल-फरगानी ने इसे पुनः सिद्ध किया और इस काम के लिए उसे समय के खलीफा अल मामून ने विशेष राजकीय सहायता प्रदान किया। खलीफा ने उन्हें संसाधन और सहायकों की एक टीम प्रदान की, जो ऊंटों पर यात्रा करके दूरी मापने में उनकी मदद करती थी। इस प्रक्रिया में कई महीने लगे, लेकिन अल-फरगानी की मेहनत और सटीकता ने इसे संभव बनाया।


फरगानी  ने देखा कि एक स्थान पर सूर्य की किरणें कुएं के तल तक पहुंचती थीं, जिसका मतलब था कि सूर्य ठीक सिर के ऊपर था (90 डिग्री)। दूसरे स्थान पर, उसी समय, सूर्य का कोण कम था। इस अंतर को मापकर और दोनों स्थानों के बीच की दूरी को जानकर, इस अवलोकन को आधार बनाकर, उन्होंने गणितीय मॉडल विकसित किया और पृथ्वी की परिधि की गणना की।

अल-फरगानी ने गणितीय अनुपात (proportions) का उपयोग करके पृथ्वी की परिधि की गणना की। उनकी विधि इस सिद्धांत पर आधारित थी कि पृथ्वी एक गोला है, और सूर्य की किरणों का कोणीय अंतर पृथ्वी की परिधि के एक हिस्से को दर्शाता है।


चरण-दर-चरण प्रक्रिया:

  • कोण मापन: अल-फरगानी ने दो स्थानों पर सूर्य की किरणों के कोण को मापा। मान लीजिए, एक स्थान पर सूर्य 90 डिग्री पर था (सीधे सिर के ऊपर), और दूसरे स्थान पर यह 83 डिग्री पर था। कोणीय अंतर = 90° – 83° = 7 डिग्री।
  • पृथ्वी की परिधि का अनुपात: एक पूर्ण वृत्त में 360 डिग्री होते हैं। यदि 7 डिग्री का कोण दो स्थानों के बीच की दूरी से मेल खाता है, तो यह पृथ्वी की परिधि का 7/360 हिस्सा होगा।
  • दूरी का मापन: अल-फरगानी ने दोनों स्थानों के बीच की दूरी को मापा, जो उस समय ऊंटों या अन्य पारंपरिक साधनों से तय की गई दूरी के आधार पर अनुमानित थी। मान लीजिए, यह दूरी 800 किलोमीटर थी।
  • गणना: यदि 7 डिग्री की दूरी 800 किमी है, तो पूरी परिधि (360 डिग्री) की गणना इस प्रकार होगी:                                 पृथ्वी की परिधि = (800 × 360) ÷ 7 ~ 41,142 किमी

अल-फरगानी ने इस गणना को और परिष्कृत किया, जिससे उनकी अंतिम गणना लगभग 40,000 किमी के करीब आई, जो आधुनिक माप (40,075 किमी) के बहुत करीब थी।

फरगानी की गणना न केवल उस समय के लिए क्रांतिकारी थी, बल्कि इसने मध्यकालीन यूरोप और बाद के वैज्ञानिकों, जैसे कोपर्निकस और गैलीलियो, के लिए आधार तैयार किया। उनकी विधि ने यह सिद्ध किया कि पृथ्वी एक गोला है, जिसने उस समय की धारणा (पृथ्वी को सपाट मानने) को चुनौती दी।


अल-फरगानी और एस्ट्रोलैब

अल-फ़रग़ानी न केवल एक सिद्धांतकार थे, बल्कि एक अभ्यासकर्ता भी थे। उनके विचार खगोलीय और जलविज्ञान संबंधी उपकरणों के विकास और उपयोग सहित अन्य व्यावहारिक क्षेत्रों तक भी फैले हुए थे। इनमें एस्ट्रोलैब भी शामिल था—एक ऐसा उपकरण जिसका उपयोग स्थानीय अक्षांश और त्रिभुजाकार मापन के लिए किया जाता था। उनकी कृति, ‘एस्ट्रोलैब के निर्माण पर पुस्तक’, इस वैज्ञानिक उपकरण के सैद्धांतिक डिज़ाइन का विवरण देने वाला सबसे पुराना उपलब्ध दस्तावेज़ है।

जहाँ यूनानियों ने एस्ट्रोलैब का इस्तेमाल केवल खगोलीय उद्देश्यों के लिए किया था, वहीं अल-फ़रग़ानी ने इसके उपयोग का विस्तार किया। उन्होंने तारों के निर्देशांक निर्धारित करने के अलावा, शहरों के निर्देशांक ज्ञात करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया। एस्ट्रोलैब का उपयोग करते हुए, मुस्लिम विद्वानों ने त्रिकोणमिति को और विकसित किया, साइन, कोसाइन, टेंगेंट और कोटैंगेंट के नए मान खोजे। इन कार्यों ने तारा सूची तैयार करना और दिशात्मक बिंदु निर्धारित करना संभव बनाया। अल-फरगानी ने एस्ट्रोलैब को और अधिक सटीक बनाया, जिससे यह नाविकों और खगोलशास्त्रियों के लिए एक अनिवार्य उपकरण बन गया।

कोट 2:
“एस्ट्रोलैब वह यंत्र है जो हमें तारों के बीच रास्ता दिखाता है, जैसे ज्ञान हमें जीवन के अंधेरे में रास्ता दिखाता है।” – अल-फरगानी


अल-फरगानी का प्रभाव: मध्यकालीन यूरोप और इस्लामिक दुनिया

अल-फरगानी की रचनाओं का प्रभाव केवल इस्लामिक दुनिया तक सीमित नहीं था। 12वीं सदी में, उनकी पुस्तक “एलिमेंट्स ऑफ एस्ट्रोनॉमी” का लैटिन में अनुवाद किया गया, जिसने यूरोप में खगोलशास्त्र के अध्ययन को नई दिशा दी। मध्यकालीन यूरोप के विद्वान, जैसे रोजर बेकन और डांटे, अल-फरगानी के कार्यों से प्रभावित थे। उनकी पुस्तक ने कोपर्निकस और गैलीलियो जैसे बाद के खगोलशास्त्रियों के लिए आधार तैयार किया।

रोचक कहानी 3: यूरोप में अल-फरगानी की ख्याति
जब अल-फरगानी की पुस्तक यूरोप पहुंची, तो कई यूरोपीय विद्वानों ने इसे “जादुई ग्रंथ” माना। एक कहानी के अनुसार, एक यूरोपीय विद्वान ने उनकी पुस्तक पढ़कर इतना प्रभावित हुआ कि उसने बगदाद की यात्रा करने का फैसला किया, ताकि वह बैत अल-हिक्मा में अल-फरगानी से मिल सके। हालांकि, तब तक अल-फरगानी का देहांत हो चुका था, लेकिन उनकी रचनाएं जीवित थीं।


अल-फरगानी की अन्य उपलब्धियां

  1. नक्षत्रों का मानचित्रण: अल-फरगानी ने तारों और नक्षत्रों की स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया और उनके चमकने के पैटर्न को रिकॉर्ड किया।
  2. गणितीय मॉडल: उन्होंने ग्रहों की गति को समझाने के लिए जटिल गणितीय मॉडल विकसित किए।
  3. खगोलीय गणनाएं: उनकी गणनाएं सूर्य और चंद्र ग्रहण की भविष्यवाणी में सहायक थीं।

कोट 3:
“ज्ञान वह प्रकाश है जो हमें अनंत की ओर ले जाता है।” – अल-फरगानी


अल-फरगानी की प्रेरणा और विरासत

अल-फरगानी की कहानी युवा पाठकों के लिए प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने जुनून और मेहनत से असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने न केवल उनके समय को प्रभावित किया, बल्कि आधुनिक खगोलशास्त्र की नींव भी रखी।

रोचक कहानी 4: खलीफा का सम्मान
एक बार खलीफा अल-मामून ने अल-फरगानी से पूछा, “तुम तारों को देखकर क्या सीखते हो?” अल-फरगानी ने जवाब दिया, “मैं सीखता हूं कि ब्रह्मांड अनंत है, और हमारा ज्ञान उसका एक छोटा सा हिस्सा।” इस जवाब से प्रभावित होकर खलीफा ने उन्हें सोने के सिक्कों से पुरस्कृत किया।


अल-फरगानी के जीवन से सीख

  1. जिज्ञासा की शक्ति: अल-फरगानी ने बचपन से ही तारों के प्रति जिज्ञासा दिखाई, जो उनकी सफलता का आधार बनी।
  2. मेहनत और समर्पण: उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने शोध को जारी रखा।
  3. वैज्ञानिक दृष्टिकोण: उन्होंने तथ्यों और गणनाओं पर आधारित निष्कर्ष निकाले, जो आज भी प्रासंगिक हैं।

कोट 4:
“हर सवाल एक नई खोज का द्वार खोलता है।” – अल-फरगानी


अल-फरगानी से संबंधित 20 FAQs

  1. अल-फरगानी कौन थे?
    अल-फरगानी 9वीं सदी के एक इस्लामिक खगोलशास्त्री और गणितज्ञ थे, जिन्हें अल्फ्रागानस के नाम से भी जाना जाता है।
  2. अल-फरगानी का जन्म कहां हुआ था?
    उनका जन्म फरगाना घाटी (आधुनिक उज्बेकिस्तान) में हुआ था।
  3. अल-फरगानी की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक कौन सी है?
    उनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक “किताब फी जवामी इल्म अन-नुजूम” (एलिमेंट्स ऑफ एस्ट्रोनॉमी) है।
  4. अल-फरगानी ने पृथ्वी की परिधि कैसे मापी?
    उन्होंने सूर्य की किरणों के कोणों और गणितीय गणनाओं का उपयोग करके पृथ्वी की परिधि मापी।
  5. अल-फरगानी का मुख्य योगदान क्या था?
    उनका मुख्य योगदान खगोलशास्त्र में टॉलेमी के सिद्धांतों को सुधारना और पृथ्वी की परिधि का मापन था।
  6. अल-फरगानी ने एस्ट्रोलैब में क्या योगदान दिया?
    उन्होंने एस्ट्रोलैब को अधिक सटीक बनाया, जिससे यह नेविगेशन और खगोलशास्त्र में उपयोगी हुआ।
  7. बैत अल-हिक्मा क्या था?
    बैत अल-हिक्मा बगदाद में एक बौद्धिक केंद्र था, जहां अल-फरगानी ने अपने शोध किए।
  8. अल-फरगानी की पुस्तक का यूरोप पर क्या प्रभाव पड़ा?
    उनकी पुस्तक का लैटिन अनुवाद मध्यकालीन यूरोप में खगोलशास्त्र के अध्ययन का आधार बना।
  9. अल-फरगानी ने किस खलीफा के अधीन काम किया?
    उन्होंने खलीफा अल-मामून के अधीन काम किया।
  10. अल-फरगानी ने किस यूनानी खगोलशास्त्री के कार्यों का अध्ययन किया?
    उन्होंने टॉलेमी के कार्यों का अध्ययन किया।
  11. अल-फरगानी की गणनाएं कितनी सटीक थीं?
    उनकी पृथ्वी की परिधि की गणना आधुनिक माप के बहुत करीब थी।
  12. अल-फरगानी का समय कब का था?
    वे 9वीं सदी में सक्रिय थे।
  13. अल-फरगानी ने नक्षत्रों के बारे में क्या किया?
    उन्होंने नक्षत्रों की स्थिति और चमकने के पैटर्न का अध्ययन किया।
  14. अल-फरगानी की पुस्तक का लैटिन में क्या नाम था?
    उनकी पुस्तक का लैटिन नाम “एलिमेंट्स ऑफ एस्ट्रोनॉमी” था।
  15. अल-फरगानी ने खगोलशास्त्र के अलावा और किस क्षेत्र में योगदान दिया?
    उन्होंने गणित और भूगोल में भी योगदान दिया।
  16. अल-फरगानी की मृत्यु कब हुई?
    उनकी मृत्यु की सटीक तारीख अज्ञात है, लेकिन माना जाता है कि यह 9वीं सदी के अंत में हुई।
  17. अल-फरगानी का प्रभाव आज भी क्यों महत्वपूर्ण है?
    उनकी खोजों ने आधुनिक खगोलशास्त्र और नेविगेशन की नींव रखी।
  18. अल-फरगानी की प्रेरणा क्या थी?
    उनकी प्रेरणा तारों और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की जिज्ञासा थी।
  19. अल-फरगानी ने सूर्य और चंद्र ग्रहण के बारे में क्या किया?
    उन्होंने ग्रहणों की भविष्यवाणी के लिए गणनाएं कीं।
  20. अल-फरगानी को युवा पाठक क्यों पढ़ें?
    उनकी कहानी जिज्ञासा, मेहनत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की प्रेरणा देती है।

निष्कर्ष

अल-फरगानी की कहानी एक ऐसी प्रेरणा है जो युवा पाठकों को यह सिखाती है कि जिज्ञासा और मेहनत से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उनकी खोजों ने न केवल उनके समय को प्रभावित किया, बल्कि आधुनिक विज्ञान की नींव भी रखी। उनकी पुस्तकें, गणनाएं और विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं। अल-फरगानी की विरासत हमें यह सिखाती है कि ज्ञान की खोज में कोई सीमा नहीं होती।

कोट 5:
“ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने के लिए, पहले अपने मन के रहस्यों को समझो।” – अल-फरगानी

यदि आप विज्ञान, इतिहास और प्रेरक कहानियों में रुचि रखते हैं, तो अल-फरगानी की कहानी आपके लिए एक खजाना है। उनकी जिंदगी हमें यह सिखाती है कि सपने और मेहनत के साथ हम तारों को भी छू सकते हैं।

टैग :इतिहासमुस्लिम वैज्ञानिक
शेयर करें :
Facebook Pinterest Whatsapp Whatsapp
◈  इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दें :
Proud0
Happy0
Love0
Surprise0
Sad0
Angry0
एо अहमद
लेखकएо अहमद
Founder and Editor
Follow:
मैं आफताब अहमद इस साइट पर एक लेखक हूं, मुझे विभिन्न शैलियों और विषयों पर लिखना पसंद है। मुझे ऐसा निबंध और ब्लॉग लिखना अच्छा लगता है जो मेरे पाठकों को चिंतन और प्रेरणा देती हैं।
कमेंट करें! कमेंट करें!

कमेंट करें! Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

हमें फॉलो करें >>

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe

सबसे अधिक पढ़ी गईं >>

🌟 इमाम अहमद इब्न हंबल: एक बहादुर योद्धा की कहानी जिसने इल्म और ईमान की मिसाल कायम की

20 मिनट में पढ़ें
289 लोगों ने देखा

डॉ. ज़ाकिर हुसैन: भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति की प्रेरणादायक कहानी

12 मिनट में पढ़ें
269 लोगों ने देखा

नासिर अहमद: वह शख्स जिसने आपकी डिजिटल दुनिया बदल दी!

10 मिनट में पढ़ें
82 लोगों ने देखा
8 Islamic Principles for Successful Business, in the Light of the Holy Quran and Hadith

सफल व्यापार के लिए 8 इस्लामी सिद्धांत, पवित्र कुरान और हदीस की रोशनी में

9 मिनट में पढ़ें
641 लोगों ने देखा

अहमद कथराडा: दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद विरोधी आंदोलन के भारतीय मूल के नायक

14 मिनट में पढ़ें
29 लोगों ने देखा

मौलाना शाह अब्दुल कादिर लुधियानवी: 1857 की जंग-ए-आजादी के गुमनाम नायक

12 मिनट में पढ़ें
289 लोगों ने देखा

इमाम अल-बुखारी: इस्लामिक विद्वान और हदीस संकलनकर्ता

29 मिनट में पढ़ें
98 लोगों ने देखा

अल-इद्रीसी: मध्यकालीन विश्व का महान भूगोलवेत्ता और उनकी रोमांचक कहानियां

12 मिनट में पढ़ें
175 लोगों ने देखा

मौलाना अबुल आला मौदुदी: किताबों की ताकत से इस्लाम की सच्चाई को दुनिया तक पहुंचाने वाला शख्स

12 मिनट में पढ़ें
362 लोगों ने देखा

इमाम मुस्लिम: सहीह मुस्लिम के संकलनकर्ता

14 मिनट में पढ़ें
258 लोगों ने देखा
Avatar
Daily Hadith
Today at 12:00 PM

सम्बंधित टॉपिक >>

खिलाफत आंदोलन: भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक ऐतिहासिक अध्याय

24 मिनट में पढ़ें
23 लोगों ने देखा

महान मुस्लिम वैज्ञानिक इब्न अल नफीस जिन्होंने पता लगाया की दिल कैसे काम करता है।

6 मिनट में पढ़ें
49 लोगों ने देखा

मुसलमान कुर्बानी क्यों करते हैं? कुर्बानी का इतिहास क्या है?

8 मिनट में पढ़ें
298 लोगों ने देखा

1857 का विद्रोह: मौलवी अहमदुल्ला शाह जिन्होंने अंग्रेजों को भगाकर 1 साल तक किया अवध क्षेत्र पर हुकूमत।

4 मिनट में पढ़ें
102 लोगों ने देखा

महत्वपूर्ण लिंक्स

  • सहेजी गई पोस्ट
  • आपके लिए
  • पढ़े गए पोस्ट
  • पसंदीदा टॉपिक्स
  • मेरी प्रोफाइल
  • हमारे बारे में
  • हमारी सहायता करें
  • हमे विज्ञापन दें
  • भविष्य योजना
  • साइट के लेखक
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • अस्वीकरण
  • सेवा की शर्तें
  • सुधार नीति

All content © NoorPost


News Video
Quiz
Tools
More

Quiz Categories

General Knowledge Test IQ Islamic Quiz Science History Fun Quiz

Tools & Utilities

Age Calc Converter QR Gen BMI Calc Search Love Calc Wishes

Explore More

About Us Donate Us Privacy Terms Contact Advertise Correction Disclaimer Future Plan Writers
 

Loading Comments...
 

You must be logged in to post a comment.

    adbanner
    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    क्या पासवर्ड भूल गए?

    Not a member? Sign Up